Pavitrata के हे मंत्र daata

 Pavitrata  के हे मंत्र daata हम पर तुम्हारे अहसान लाखो

तुम्हारी शिक्षा से चल रहे है सन्मार्ग पर अब इंसान लाखो। 

अपने समय के हे भगीरथ तुम्हारा आबू बना है तीर्थ 

इसीलिए तो आते ही रहते तुम्हारे घर अब मेहमान लाखो 

नारी को तुमने शक्ति बनाया,सर्वोच्च सिंहासन पर बिठाया,

तुम्हारी इस सिद्धि से chakit है वसुंधरा के विद्वान लाखो 

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